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  Mehfil Mastee

Swar Baaware

  December 21 2017

शशि कपूर को संगीतमय श्रद्धांजलि

दादासाहेब फालके पुरस्कार विजेता, शशि कपूर का निधन 3 दिसंबर 2017 को हुआ और इसी के साथ उनकी पीढ़ी के कपूर युग का अंत हुआ । उनके लिए "सबसे खूबसूरत", "आकर्षक" और "डैशिंग" जैसे विशेषणों का आज़ादी से उपयोग किया जाता था, खासकर उन महिलाओं द्वारा जो 60 और 70 के दशक में युवा लड़कियाँ थी । “मेहफिल मस्ति” और “स्वर बावरे” इस आकर्षक नायक और फिल्म निर्माता को एक संगीतमय श्रद्धांजलि पेश करता हैं ।

 

शशि कपूर से जुडी मेरी यादे मुझे उनकी महान संगीतमय हिट आवारा तक ले जाती है, जहां मुख्य नायक की युवावस्था की भूमिका में एक आकर्षक लड़के से लेकर खूबसूरत हीरो बनने की भूमिका उन्हों ने बखूबी निभाई थी । हालांकि, व्यावसायिक रूप से उनकी पहेली संगीतमय हिट फिल्म जो दिमाग में आती है वह जब जब फूल खिले थी । वैसे तो उसके सारे गाने संगीतमय सुपरहिट थे लेकिन एक कहानी रूप गीत "क था गुल और एक थी बुलबुल ” मेरा पसंदीदा गीत रहा है।

 

उस ज़माने में, कपूर भाइयों को अपनी फिल्मों और गायकों की आवाज़ के लिए संगीतकारों की एक स्पष्ट पसंद रहती थी । इस मामले में शशि कपूर निष्पक्ष थे कि किस संगीतकार ने उनकी फिल्मों के लिए संगीत बनाया है l जहाँ शुरूआती दिनों में रफी और मुकेश उनकी आवाज बने थे, वही पर उनके फ़िल्मी कैरियर के बाद के हिस्से पर किशोर कुमार हावी थे। उनकी पहली फिल्म में मुकेश द्वारा दो सुंदर गीत गाये गए, जिसमें से "कैसे मनाऊँ पियवा " एक असाधारण गीत था, लेकिन दुख की बात हैं की वह आज भूला दिया गया हैं।

 

शशि कपूर पर फिल्माये गए और रफ़ी द्वारा गाये गए कुछ सबसे लोकप्रिय गीत जैसे- जब जब फूल खिले ("एक था गुल", "परदेशियों से ना अँखियाँ मिलाना" और "अफ्फू खुदाया ", युगल गीत "ना ना करते प्यार", और दर्द से भरा "यंहा में अजनबी हूं"), प्यार का मौसम (“तुम बिन जाऊं कहाँ ” और “नी सुल्ताना रे”), हसीना मान जायगी ( मस्ती भरा गीत "ओ दिलबर जानिए", प्यार भरा नग्मा "चले थे साथ मिलकर ", और प्रसिद्ध जुगलबंदी "बेखुदी में सनम "), आमने सामने ("नैन मिला कर चेन चुराना") और कन्यादान (सुपर हिट गाना "लिखे जो खत तुझे " और "मेरी जिंदगी में आते ") उनकी रोमानी हीरो की छवि को उभारते थे ।

 

जब 60 के दशक के अंत में किशोर कुमार का करिश्माई युग शुरू हुआ, तब शशि कपूर के पास किशोर द्वारा गाए गए गानो की भरमार थी, जैसे कि अभिनेत्री फिल्म का (युवा और सुंदर हेमा मालिनी पर फिल्माया गया) "गा रे मेरे संग साजना ", शर्मिली (टाइटल गीत "ओ मेरी शर्मिली ", "खिलते हैं गुल यहाँ " और प्यारा युगल गीत "आज मद्होश हुआ जाये ", आ गले लग जा फिल्म का "ना कोई दिल में समाया ", "वादा करो नहीं छोडोगी तुम मेरा साथ ", " तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई " और दिवार फिल्म ("केह दूँ तुम्हे ") ।

 

हालांकि रफ़ी और किशोर की आवाज आपको शशि कपूर जी के ज्यादातर गानों में मिलेंगी लेकिन सिर्फ उनकी ही आवाज़ नहीं, उस समय  मुकेश की आवाज़ से अमर हुए गाने भी हम देख सकते है । जैसेकि दिल ने पुकारा फिल्म का गाना "वक्त करता जो वफा " निर्माण के 50 साल बाद भी आज सुना जाता है । 1970 की फिल्म माई लव, जिसका संगीत एक अज्ञात संगीतरचयता दान सिंह ने दिया था, उनके भी दो गाने “जिक्र होता है जब क़यामत का ” और "वो तेरे प्यार का गम " मशहूर हुए जबकि 1977 की फ़िल्म मुक्ति में "सुहानी चांदनी राते " और एक प्यारी लोरी "लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी " मशहूर हुए।

 

शशि कपूर अभिनित फिल्मों में महेंद्र कपूर के कुछ हिट गाने थे, पर उसमे से कुछ ही उन पर फिल्माए गए थे । उनमे कुछ गाने महान कवि साहिर के थे, जैसे की धर्मपुत्र फिल्म से "भूल सकता भला कौन ये प्यारी आँखे ", और वक्त फिल्म का "दिन है बहार के " सामिल हैl

 

फिल्म प्रेम पत्र में एक असामान्य संयोजन था - शशि कपूर पर तलत महमूद की रेशमी आवाज़ में जुगलबन्धी वाला गीत “ये मेरे अँधेरे उजाले न होते" । 1968 की फिल्म जुआरी में मन्ना डे ने शशि कपूर को अपनी आवाज दी और गाने के बोल थे, "आया आया अब्दुलाह आया आया " जबकि  हेमंत कुमार ने 1972 में शशी अभिनित फिल्म सिद्धार्थ के पार्श्व संगीत में दो मधुर बंगाली गीत दिए थे ।

 

बतौर निर्माता शशि कपूर ने ज्यादातर फिल्में मुख्य धारा से ज़रा हटकर दी है, जो की व्यावसायिक फिल्में जिन्होंने उन्हें मशहूर बनाया उनसे काफी अलग थीं । कुछ फिल्मों में कोई गाने नहीं थे । हालांकि 1985 की फिल्म उत्सव जिसमे अपवाद रूप दो गाने थे, एक था जो महान मंगेशकर बहने लता और आशा द्वारा गाया गया " मन क्यों बहका री बहका" और सुरेश वाडकर का " सांझ ढले गगन तले"।

 

शशि जी अपने व्यक्तित्व, आकर्षण, फिल्में और कई लोकप्रिय गानों के जरिये हमारे बिच हमेशा जिन्दा रहेंगे l यहां स्वर बावरे एक छोटी सी मेडली के रूप में उनको संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित करता है। आप नीचे दी गई लिंक्स पर हमारे दोस्तों और सहयोगियों द्वारा गाए गए कुछ गाने भी सुन सकते हैं। 

 

इस मेडली में शामिल मित्रों और सहयोगियों को मेरा विशेष धन्यवाद: राकेश सूद, लता और अतुल मिश्रा, दीपक नागर और राजदीप मोरे।

 

आशा है कि आपने इस लेख और संगीत का आनंद उठाया होगा l क्या हमसे कोई महत्वपूर्ण जानकारी रह गई है? तो पोस्ट करे और हमारे साथ आप भी अपनी आवाज़ में शशि कपूर के गाने info@mehfilmastee.com पे शेयर करे।

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About the Author

Biren Shah

Biren Shah, member of Mehfil Mastee team and a Hindi film music lover.

Comments
10

Falguni
DEEPAK NAGAR

So Comprehensively written makes it feels so connected with Shashiji and your writing. Thanks for including my songs "Pardesi ho se.." and "Yaha men Ajnabi hu" All the Singers sang so nice. I shared to other music groups. Everyone liked it.

Biren Shah Thanks Deepak for being a part of this initiative.

Rupal Shah

An excellent medley of songs by all the singers !! An informative blog about the great actor Shashi Kapoor.

Nitin Desai

Very informative article and nice collection of songs. Keep it up Biren.

Biren Shah Thank you, Nitin Desai!!

Anju

Biren, superb... as usual.

Anju

Biren, superb... as usual.

Anju

Biren, superb... as usual

Dilip D'Souza

Especially glad to see a mention of one of my favourites: तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई -- All in all, such a good way to remember a good man!

Dilip D'Souza

Especially glad to see a mention of one of my favourites: तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई -- All in all, such a good way to remember a good man!

Murali Ganapathy

Beauty birenbhai! Bahu saras!

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